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तेजस्‍वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कहा भ्रष्‍टाचार का भीष्म पितामह, बयान पर राजनीति शुरू

बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद एनडीए की अगुआई में नीतीश कुमार ने 7वीं बार बिहार के मुख्‍यमंत्री की कुर्सी संभाली। किंतु अपने मंत्रिमंडल को लेकर नीतीश कुमार विपक्ष के निशाने पर बने हुए हैं। बिहार में घोटालों के आरोप लगने के बाद पहले शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया। फिर उप-मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद के चुनावी हलफनामे में उम्र को लेकर बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में हड़कंप मच गया। अब पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बेटे और बिहार के उपमुख्यमंत्री रहे तेजस्वी यादव ने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को भ्रष्‍टाचार का भीष्म पितामह कह दिया, जिसके बाद एनडीए सरकार ने इस बयान का विरोध किया है।

 

तेजस्‍वी यादव ने बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को भ्रष्‍टाचार के भीष्म पितामह करार देते हुए कहा कि उन्होंने चोर दरवाजे से एक बार फिर सरकार बनाने का काम किया है। वो भीष्म पितामह भ्रष्टाचार के इसलिए हैं क्योंकि जितने भी गुनाहगार हैं और भ्रष्टाचारी हैं, उन्हें संरक्षण देना और बचाव करना उनकी पुरानी फ़ितरत रही है। यही नहीं, वह (नीतीश) अब अधिकारियों ने चिट्ठी लिखकर बात कह रहे हैं। इसके अलावा तेजस्‍वी ने कहा कि नीतीश ने पहले भ्रष्‍टाचारी डॉ. मेवालाल चौधरी को शिक्षा मंत्री बनाया और मामले के तूल पकड़ने के बाद उसे बदला गया। यही नहीं, नए शिक्षा मंत्री पर भी सवाल उठ रहे हैं, लेकिन इस पर नीतीश कुमार क्यों चुप हैं?

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव शपथ ग्रहण करते हुए

भ्रषटाचार के मुद्दे पर हमलावर होते हुए तेजस्वी ने कहा- मेरा चैलेंज है मुख्यमंत्री को कि हम पर उपमुख्यमंत्री रहते आरोप सिद्ध करें। यह अद्भुत है कि विरोधी दल से इस्तीफा मांगा जा रहा है। तेजस्वी ने कहा कि नीतीश के 15 साल के शासनकाल में 60 बड़े घोटाले हुए हैं। भ्रष्टाचारियों का बचाव करना नीतीश कुमार की फितरत है। अशोक चौधरी वाले मामले में कहा कि नीतीश कुमार को आ करके इस मामले पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। अशोक चौधरी के परिवार के ऊपर गंभीर आरोप हैं।

विधानसभा चुनाव परिणाम को लेकर नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि इस समय बिहार में तीसरे नंबर की पार्टी जेडीयू का मुख्‍यमंत्री है और ऐसा देश में शायद ही कभी हुआ होगा। आरजेडी आज सबसे बड़ी पार्टी है। साथ ही कहा कि पहले नीतीश कुमार कहते थे कि मेरे कारण आरजेडी को वोट मिला, लेकिन अब उनकी क्‍या स्थिति है यह सबको पता है।

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा के चुनाव परिणाम में एनडीए गठबंधन को 125 सीटें हासिल हुई हैं। जबकि विपक्षी महागठबंधन को 110 सीटें मिली हैं। एनडीए में भाजपा को 74 सीटें, जेडीयू को 43, हम और वीआईपी को चार-चार सीटें मिली हैं। वहीं, महागठबंधन बहुमत से थोड़ा पीछे रह गया। हालांकि आरजेडी इस चुनाव में 75 सीटें हासिल कर सबसे बड़ी पार्टी बनी है। विदित हो कि वर्ष 2015 के विधानसभा चुनावों में जेडीयू को 71 सीटें मिली थीं।

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