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पंजाब सरकार ने शहीद हुए अविवाहित तीन जवानों के विवाहित भाइयों को सरकारी नौकरी देने का किया ऐलान

पंजाब सरकार ने नियमों में बदलाव कर इस साल जून में लद्दाख की गलवान घाटी में शहीद हुए तीन सैनिकों के विवाहित भाइयों को नौकरी देने के लिए नियमों में बुधवार को रियायत दी। दो सैनिक चीनी सैनिकों के साथ लड़ते हुए शहीद हुए जबकि तीसरे सैनिक की वास्तविक नियंत्रण रेखा के करीब एक नदी के नजदीक गश्त के दौरान जान गई थी। चीन की पीपलज़ लिबरेशनज़ आर्मी की तरफ से किये हमले के दौरान जून, 2020 में लद्दाख़ सैक्टर में शहीदी देने वालों में पाँच फ़ौजी पंजाब से सम्बन्धित थे। परन्तु इन पाँच फौजियों के मामले में तीन सैनिक शहादत के मौके अविवाहित थे।

एक बयान के मुताबिक, सिपाही गुरतेज सिंह, सिपाही गुरबिंदर सिंह और लांस नाइक सलीम खान के सर्वोच्च बलिदान को सम्मान देने के लिए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। नियमों के मुताबिक, ऐसे मामलों में परिवार के आश्रित सदस्य या करीबी रिश्तेदार को सरकारी नौकरी दी जाती है। विज्ञप्ति के मुताबिक, तीनों सैनिकों के मामले में परिवार का आश्रित कोई सदस्य नहीं था, क्योंकि वे अविवाहित थे लिहाजा सरकार ने उनके शादीशुदा भाइयों को अपवाद के तौर पर नौकरी देने का फैसला किया है।

प्रवक्ता ने बताया कि तारीख़ 24 सितम्बर, 1999 की ‘जंगी नायकों’ के परिवारों के निर्भर सदस्यों को ‘मान और शुकराने की नौकरी देने’ की नीति के अंतर्गत क्लास 1 और क्लास 2 में नौकरी जबकि तारीख़ 19 अगस्त, 1999 की ‘जंगी नायकों’ के परिवारों के निर्भर सदस्यों को क्लास -3 और क्लास -4 में ‘मान और शुकराने की नौकरी देने’ की नीति के अंतर्गत ‘जंगी नायक’ की विधवा या निर्भर मैंबर को प्रांतीय सेवा में नौकरी की पेशकश की जाती है।

प्रवक्ता ने आगे बताया कि मौजूदा नीति के तहत आश्रित सदस्य में विधवा या पत्नी, या आश्रित बेटा या आश्रित अविवाहित बेटी या गोद लिया गया आश्रित बेटा या गोद ली गई अविवाहित बेटी शामिल है। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि “युद्ध नायकों पर आश्रित सदस्यों“ की परिभाषा में भी ना आते हुए सिपाही गुरतेज सिंह (अविवाहित) का भाई गुरप्रीत सिंह, सिपाही गुरबिन्दर सिंह (अविवाहित) का भाई गुरप्रीत सिंह और लांस नायक सलीम ख़ान (अविवाहित) का भाई नियामत अली ने प्रांतीय सेवाओं में नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। उन्होंने बताया कि “युद्ध नायक“ के अविवाहित होने पर, एक आश्रित अविवाहित भाई या अविवाहित बहन नीति के तहत नियुक्त के पात्र होते हैं।
पंजाब सरकार की ‘मान और शुकराने की नौकरी देने’ की नीति में छूट देते हुये पंजाब मंत्रीमंडल ने गलवान घाटी के तीन अविवाहित जंगी शहीदों के विवाहित भाइयों को प्रांतीय सेवाओं में नौकरियाँ देने के लिए नियमों में संशोधन करने के लिए हरी झंडी दे दी है।

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