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कांग्रेस प्रवक्ता ने EVM हैक की बात अभिनेत्री रिया- दीपिका की वॉट्सऐप चैट लीक होने से जोड़कर उठाया, लोगों ने उड़ाया मजाक

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के रुझानों में महागठबंधन के पिछड़ने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता उदित राज ने इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर सवाल खड़े किए हैं। उदित राज ने ईवीएम हैकिंग को सुशांत सिंह राजपूत की मौत के केस में ड्रग्स ऐंगल को लेकर सामने आए अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और दीपिका पादुकोण से जोड़ते हुए ट्वीट किया है। उदित राज ने इन दोनों अभिनेत्रियों की वॉट्सऐप चैट के लीक होने का उदाहरण देते हुए कहा है कि जब वॉट्सऐप हैक हो सकता है तो ईवीएम क्यों नहीं हैक हो सकती है।

 

कांग्रेस नेता उदित राज ने अपने ट्वीट में लिखा कि- “रीया के मामले में whatsapp की सुरक्षा कितनी है , पता लगा होगा।दीपिका पादुकोण के पुराने Whatsap को निकाल लिया गया । कुछ निजी नही। इलेक्ट्रॉनिक की ही चीज़ EVM है, हैक करना कौन मुश्किल है।” बता दें कि उदित राज ने इससे पहले भी ईवीएम हैकिंग को सैटेलाइट के नियंत्रित किए जाने से जोड़ते हुए हैकिंग के आरोप लगाए थे। उदित राज ने कहा कि जब उपग्रह को नियंत्रित किया जा सकता है तो फिर ईवीएम हैक क्यों नहीं की जा सकती। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘जब मंगल ग्रह और चांद की ओर जाते उपग्रह की दिशा को धरती से नियंत्रित किया जा सकता है, तो ईवीएम हैक क्यों नहीं की जा सकती?’’ कांग्रेस नेता ने यह सवाल भी किया, ‘‘अमेरिका में अगर ईवीएम से चुनाव होता तो क्या डोनाल्ड ट्रम्प हार सकते थे ?’’

 

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता उदित राज से अलग विचार रखते हुए कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने उदित राज का नाम लिए बगैर कहा कि ईवीएम पर सवाल खड़े करने का सिलसिला बंद होना चाहिए क्योंकि इसके साथ छेड़छाड़ का दावा अब तक वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं हो सका है।

कांग्रेस सांसद कार्ति ने ट्वीट किया, ‘‘नतीजा चाहे कुछ भी हो, लेकिन अब ईवीएम को जिम्मेदार ठहराया जाना बंद होना चाहिए। मेरे अनुभव के मुताबिक, ईवीएम की व्यवस्था मजबूत, उचित और भरोसेमंद है। यह राय मेरी हमेशा से रही है।’’

पूर्व केंद्रीय मंत्री पी०चिदंबरम अपने बेटे और कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम के साथ(फाइल फोटो)

उन्होंने आगे कहा, ‘‘राजनीतिक दलों की ओर से ईवीएम पर सवाल खड़े किए जाते हैं और खासकर चुनाव परिणाम के अपने अनुकूल नहीं होने पर ऐसा होता है। अब तक इस दावे को वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं किया जा सका है।’’

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