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RSS मुख्यालय में विजयादशमी पर बोले संघ प्रमुख मोहन भागवत, देशवासियों के धैर्य और सहनशीलता की सराहना की

भारत के साथ विदेशों में भी आज विजयादशमी मनाई जा रही है। कोरोनाकाल में कुछ सावधानियों के साथ हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोग दशहरा पर्व मना रहे हैं। हर साल की तरह इस साल भी दशहरे के मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने महाराष्ट्र के नागपुर में स्थित संघ मुख्यालय में शस्त्र पूजा की। विदित हो कि इस अवसर पर हर साल आरएसएस मुख्यालय में कार्यक्रम आयोजित होता रहा है। कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि 5अगस्त 2019 में, अनुच्छेद 370 निष्प्रभावी हो गया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर 2019 को अयोध्या का फैसला दिया गया। पूरे देश ने शांतिपूर्वक इस फैसले को स्वीकार कर लिया। 5 अगस्त 2020 को राम मंदिर की आधरशिला समारोह आयोजित किया गया। हमने इन घटनाओं के दौरान भारतीयों के धैर्य और संवेदनशीलता को देखा। आरएसएस (RSS) ने देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दी है। संघ की ओर ट्वीट कर बधाई दी गई है। संघ ने लिखा, समस्त देशवासियों को विजयादशमी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।

इस अवसर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि विश्व के अन्य देशों की तुलना में हमारा भारत संकट की इस परिस्थिति में अधिक अच्छी तरह से खड़ा हुआ दिखाई देता है। भारत में इस महामारी की विनाशकता का प्रभाव बाकी देशों से कम दिखाई दे रहा है, इसके कुछ कारण हैं।

सीएए पर बोलते हुए मोहन भागवत ने कहा, CAA को आधार बनाकर समाज में विद्वेष व हिंसा फैलाने का षडयंत्र चल रहा है। कुछ विदेशी देश भी यही काम कर रहे हैं। उन देशों में साम्प्रदाय प्रताड़ना का इतिहास है। इस कानून को संसद से पूरी प्रक्रिया से पास किया गया है। इस षडयंत्र में शामिल लोग मुसलमान भाइयों के मन में यह गलतफहमी बैठाने का प्रयास कर रहे हैं कि वे अब भारत में नहीं रहेंगे। आपकी संख्या न बढे इसके लिए कानून बनाई गई, यह बात फैलाया गया। भारत के इस नागरिकता कानून में किसी संप्रदाय विशेष का विरोध नहीं है।

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने आगे कहा, अपने समाज की एकरसता का, सहज करुणा व शील प्रवृत्ति का, संकट में परस्पर सहयोग के संस्कार का, जिन सब बातों को सोशल कैपिटल ऐसा अंग्रेजी में कहा जाता है, उस अपने सांस्कृतिक संचित सत्त्व का सुखद परिचय इस संकट में हम सभी को मिला। मोहन भागवत ने देशवासियों की तारीफ करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद धैर्य, आत्मविश्वास व सामूहिकता की अनुभूति अनेकों ने पहली बार पाई है।

जानकारी के मुताबिक,संबोधन से पहले नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुख्यालय में महर्षि व्यास सभागार में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने वार्षिक दशहरा समारोह में हिस्सा लिया। कोविड-19 महामारी की वजह से सभागार के अंदर केवल 50 स्वयंसेवकों को अनुमति दी गई।

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