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पढ़ाई के बाद अब डिजीटल एजुकेशन में भी नंबर वन बना केरल, 42,000 सरकारी कक्षाओं में लगे लैपटॉप, प्रोजेक्टर और स्क्रीन

कोरोनाकाल में घरों में बैठे बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई करने में व्यस्त हैं और देश नई शिक्षा नीति को लेकर विचार-विमर्श कर रहा है। शिक्षा क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान प्राप्त केरल ने अब एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सोमवार को इस अवसर को ‘‘गौरवपूर्ण उपलब्धि’’ बताया। वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से यह घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कक्षाओं का अंतरराष्ट्रीय स्तरीय उन्नयन करने के अलावा हाई टेक आईटी लैब की स्थापना से राज्य के बच्चों को उन्नत प्रशिक्षण व्यवस्था उपलब्ध हो गई है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के तहत सरकारी स्कूलों में लैपटॉप, प्रोजेक्टर, वेबकैम और प्रिंटर के साथ तीन लाख से अधिक डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्यमंत्री विजयन ने कहा, ‘‘केरल पहला राज्य बन गया है जिसके सभी सरकारी स्कूलों में हाई टेक कक्षाएं हो गई हैं।’’ उन्होंने कहा कि इससे शिक्षा को काफी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा देने में विशेष रूचि ले रही है और उसने ‘‘हमारी भीवी पीढ़ी के लिए शिक्षा का केरल मॉडल’’ दुनिया के सामने पेश किया है।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने आगे कहा, ‘‘वामपंथी सरकार का दृढ़ निर्णय है कि शिक्षा को समाज के सभी तबके के लिए सुगम बनाया जाए। अब, राज्य के सभी बच्चों के पास उन्नत प्रशिक्षण प्रणाली की सहायता से सीखने और आगे बढ़ने में सहयोग मिलेगा। यह राज्य के लिए गौरवशाली उपलब्धि है।’’ सरकार के मुताबिक, इसने सरकारी शिक्षा कायाकल्प मिशन के तहत यह काम किया है जिसका उद्देश्य सभी कक्षाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाना और हाई टेक प्रयोगशाला बनाना है।

जानकारी के मुताबिक, 8वीं से लेकर 12वीं कक्षा तक की कुल 42,000 कक्षाओं में लैपटॉप, प्रोजेक्टर और स्क्रीन लगाए गए हैं और स्कूलों में स्टूडियो भी बनाए गए हैं। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में सुनिश्चित किया गया है कि सभी प्राथमिक एवं उच्चतर प्राथमिक स्कूलों में कम से कम एक स्मार्ट कक्षा और कंप्यूटर लैब हो।

केरल के मुख्यमंत्री विजयन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रोजेक्ट पर पहले 793.5 करोड़ रुपये का खर्चा अनुमानित था लेकिन स्थानीय निकायों और समाज के हर क्षेत्र के लोगों की मदद से इसे 595 करोड़ में ही पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि जनता की तरफ से इस योजना के लिए 1,365 करोड़ रुपये मिले। इसके अलावा केरल इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन ने लैपटॉप में फ्री सॉफ्टवेयर डलवाकर कम से कम 3 हजार करोड़ रुपये की बचत की है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

गौरतलब है कि केरल देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां प्राथमिक शिक्षा में 100 % साक्षरता रिकॉर्ड की हुई है। 2011 की जनगणना के मुताबिक, केरल राज्य में कुल 93.91 % लोग साक्षर हैं। राज्य में ज्यादातर स्कूल और कॉलेज राज्य सरकार द्वारा संचालित किए जाते हैं।

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