Breaking NewsTop Newsउत्तर प्रदेशक्राइमप्रदेश

हाथरस में ‘न्याय’ का अंतिम संस्कार, ‘महाराज’ मौन !

हाथरस कांड एक और निर्भया को इंसाफ कब मिल पाएगा..ये तो पता नहीं लेकिन इस मसले पर यूपी से लेकर दिल्ली तक इंसाफ की मांग की जा रही है…विपक्ष इस मुद्दे को भुनाने में कोई कसर छोड़ना नहीं चाह रहा..इसीलिए कांग्रेस, सपा सड़कों पर उतरकर महाराज की सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं।

इस केस की शुरुआत करना थोड़ा मुश्किल है, कहा से की जाए, रेप पीड़िता का अंतिम संस्कार रात में कर दिया गया, जो हिन्दू धर्म के खिलाफ है, औऱ अब राम राज में न्याय का भी अंतिम संस्कार कर दिया गया, ऐसा तो पहले कभी नहीं हुआ, हां लेकिन पुलिस सबूतों को मिटाने के लिए ऐसे काम बहुत कर चुकी है, इस पूरे मामले में पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल पाएगा ये भी थोड़ा मुश्किल है, वो इसलिए क्योंकि खुद अगर जिले का मुखिया यानी की डीएम ही धमकी बाज तो ये फिर कैसे मुमकिन है, सोचिए जिस  तरह से हाथरस के डीएम का एक वीडियो सामने आया है उसमे वो साफ तौर पर  पीड़ित परिवार को धमकी दे रहा है कि आप बयान बदल दीजिए, अगर हमने बयान बदल दिया तो फिर अच्छा नहीं होगा, इतना सब कुछ होने के बाद भी महाराज ने इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की..ये तो खैर दूर की बात है, लड़ाई-झगड़ों पर तुरंत एक्शन लेने वाले यूपी के खेवनहार श्री योगी आदित्यनाथ जी इस  मुद्दे पर चुप्पी साध गए क्यों ?

पीएम मोदी को खुद इस मामले को लेकर सीएम योगी से कार्रवाई कराने के लिए कहना पड़ा, जिसके बाद सीएम योगी ने पीड़ित परिवार से बात की और हर संभव मदद करने का भरोसा दिया..आश्वासन दिया कि दोषियों को बक्शा नहीं जाएगा. औऱ हर बार कि तरह मौत का इलाज मुआवजे के रुप में दे दिया जाता है..कब तक ऐसा चलता रहेगा,

इस पूरे मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं,,सवाल ये कि पीड़ित का रात में अंतिम संस्कार करने वालों के खिलाफ अभी तक कोई एक्शन क्यों नहीं लिया गया..जितने भी जिम्मेदार अधिकारी हैं उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई, सवाल ये कि ऐसा डीएम जिसने पीड़ित परिवार के घर जाकर उनको बयान बदलने की धमकी दी है वो अभी तक जिले की कप्तानी कैसे कर रहा है..सवाल बहुत है लेकिन शायद प्रदेश सरकार के पास जवाब कम हैं

राजनीतिक दृष्टि से भी इस मामले को समझना पड़ेगा, अपना अस्तित्व खो चुकी कांग्रेस इस मुद्दे पर खूब सियासत चमकाने में लगी हुई है..राहुल गांधी औऱ प्रियंका गांधी जिस तरह से पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे उनको रास्ते में पुलिस ने हिरासत में ले लिया, क्यों किसी को भी पीड़ित परिवार से मिलने नहीं दिया जा रहा है..सीएम योगी जी खुद तो उनसे मुलाकात नहीं कर रहे तो फिर दूसरों को क्यों मिलने से रोका जा रहा है..यहां तक की लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कही जाने वाली मीडिया को भी गांव में नहीं घुसने दिया जा रहा है..गांव में पुलिस ऐसे तैनात कर दी गई है जैसे मानो भारत पाकिस्तान का बॉर्डर हो, क्यों पुलिस किसी को भी गांव में अंदर आने नहीं दे रही है..क्यों किसी नेता को नहीं मिलने दिया जा रहा है, सरकार को शायद डर है कि कहीं सब राज खुलकर सामने न आ जाएं…..

 

Tags
Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Close