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राफेल विमान उड़ाने वाली पहली महिला पायलट पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस से होगी, अभिनंदन से सीखी है बारीकियां

हमारे परिवार, समाज और कार्यस्थलों पर लड़कियों, महिलाओं को अक्सर कमतर आंका जाता रहा है किन्तु समय-समय पर अनेक तरह की परीक्षाओं से गुजरते हुए भारत की बहादुर बेटियां इतिहास रचती रही हैं। भारतीय सेना में भी नारी का सशक्त रूप देखने को मिल रहा है। बता दें कि फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह दुनिया की सर्वोत्तम श्रेणी के लड़ाकू विमानों में से एक ‘राफेल लड़ाकू विमान’ की पहली महिला पायलट बनने जा रही हैं। मिग-21 ‘बाइसन’ की जगह जब राफेल लड़ाकू विमान को भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल किया जाएगा तब शिवांगी इस भूमिका में आ जाएंगी।

राफेल लड़ाकू विमान (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की रहने वाली फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह ‘कन्वर्जन ट्रेनिंग’ पूरा करते ही वायुसेना के अंबाला बेस पर 17 ‘गॉल्डन एरोज’ स्क्वैड्रन में औपचारिक एंट्री लेंगी। जानकारी के मुताबिक, किसी पायलट को एक फाइटर जेट से दूसरे फाइटर जेट में स्विच करने के लिए ‘कन्वर्जन ट्रेनिंग’ लेने की जरूरत होती है। हालांकि, मिग-21एस उड़ा चुकीं शिवांगी के लिए राफेल उड़ाना कोई चुनौतीपूर्ण काम नहीं होगा क्योंकि मिग 340 किमी प्रति किमी की स्पीड के साथ दुनिया का सबसे तेज लैंडिंग और टेक-ऑफ स्पीड वाला विमान है। फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह पहले राजस्थान के फॉरवर्ड फाइटर बेस पर तैनात थीं जहां उन्होंने विंग कमांडर अभिनंदन के साथ उड़ान भरी थी। बता दें कि बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भारतीय हवाई सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे पाकिस्तानी फाइटर जेट का पीछा कर रहे विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान का मिग-21 विमान ही पाकिस्तानी सीमा में जा गिरा था और पाकिस्तान ने उन्हें बंदी बना लिया था। हालांकि, भारत की चेतावनियों और अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण पाकिस्तान को उन्हें ससम्मान रिहा करना पड़ा था।

विंग कमांडर अभिनंदन (फाइल फोटो)

फ्लाइट लेफ्टिनेंट अवनी चतुर्वेदी, फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कांत और फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहना सिंह भारतीय वायुसेना में बतौर फाइटर जेट उड़ाने वाली महिला पायलटों के पहले बैच में शामिल थीं। उन्हें जून 2016 में इसकी बेसिक ट्रेनिंग दी गई थी। इन महिलाओं ने ही सशस्त्र बलों के युद्धक अभियानों से महिलाओं को बाहर रखने की नीति को धता बताते हुए नया इतिहास रचा था। लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह महिला पायलटों के दूसरे बैच की हिस्सा हैं जिनकी कमिशनिंग 2017 में हुई। भारतीय वायुसेना के पास फाइटर प्लेन उड़ाने वाली 10 महिला पायलट उपलब्ध हैं जो सुपरसोनिक जेट्स उड़ाने की कठिन ट्रेनिंग से गुजरी हैं। एक पायलट को ट्रेनिंग पर 15 करोड़ रुपये का खर्च आता है।

शिवांगी सिंह के पिता कुमारेश्वर सिंह ने बताया कि हम लोगों को हमारी बेटी पर गर्व है जो देश का नाम रोशन कर रही है। BHU में ही वह नेशनल कैडेट कोर में 7 यूपी एयर स्क्वाड्रन का हिस्सा थीं। बीएचयू से 2013 से 2015 तक एनसीसी कैडेट रहीं। साथ ही सनबीम भगवानपुर से बीएससी किया। शिवांगी सिंह दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में 2013 में उत्तर प्रदेश टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उन्होंने 2016 में प्रशिक्षण के लिए वायु सेना अकादमी ज्वाइन की थी। पिछले 16 दिसंबर 2017 को ही हैदराबाद स्थित एयर फोर्स अकादमी में उन्हें फाइटर पायलट का तमगा मिला था। हैदराबाद में ट्रेनिंग पूरी होने के बाद शिवांगी इस समय मिग-21 की फाइटर पायलट हैं।

गौरतलब है कि पहली बार भारतीय नौसेना में 2 महिला अधिकारियों का हेलीकॉप्टर बेड़े में ‘ऑब्जर्वर’ (हवाई रणनीतिकार) के तौर पर चयन किया गया है।

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