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अमेरिका ने अपने नागरिकों को भारत न जाने की दी सलाह, भारत को सीरिया,पाकिस्‍तान, ईरान, इराक की श्रेणी में डाला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अक्सर अपने बयानों से विवादों से घिरे रहते हैं। किंतु इस बार अमेरिकी सरकार के एक निर्णय ने अमेरिका के साथ भारत में भी विवाद खड़ा कर दिया है। अमेरिका ने अपने नागरिकों को भारत की यात्रा न करने की सलाह दी है। उन्होंने इसका कारण कोरोना संकट, अपराध और आतंकवाद को बताया है। महिलाओं के खिलाफ अपराध और उग्रवाद को भी कारण बताया गया है। इतना ही नहीं अमेरिका ने भारत को रेटिंग में भी नंबर चार पर रखा है जो की खराब रेटिंग मानी जाती है। इस श्रेणी में भारत के अलावा सीरिया, पाकिस्तान, ईरान, ईराक और यमन को भी रखा गया है।

इंडियन टूरिज्‍म एंड हॉस्पिटलटी संघ (FAITH) ने भारत सरकार से गुहार लगाई है कि वे अमेरिका सरकार से ट्रेवेल एडवाइजरी को बदलने के लिए दबाव डाले। फेथ ने कहा कि सरकार इसे प्राथमिकता के आधार पर उठाए ताकि देश के बारे में बन रही नकारात्‍मक छवि को रोका जा सके। फेथ ने कहा कि इस समय पर्यटन उद्योग कोरोना महामारी की वजह से गंभीर संकट से गुजर रहा है और जल्‍द ही भारत में यह उद्योग फिर से अपने आपको शुरू करने जा रहा है। 23 अगस्‍त को जारी इस ट्रैवल एडवाइजरी में भारत के अलावा पाकिस्‍तान, सीरिया, यमन, ईरान और इराक जैसे हिंसा प्रभावित देशों को शामिल किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, इस अमेरिकी एडवाइजरी में यह भी चेतावनी दी गई है कि कोरोना वायरस की वजह से सीमा को बंद किया जा सकता है और एयरपोर्ट को भी बंद किया जा सकता है। यात्रा पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। लॉकडाउन लग सकता है। अमेरिका के विदेश विभाग ने विशेष रूप से जम्‍मू-कश्‍मीर और भारत-पाकिस्‍तान सीमा पर नहीं जाने के लिए चेतावनी जारी की है। फेथ ने कहा कि सीरिया और पाकिस्‍तान की सूची में भारत को शामिल करना बहुत खराब स्थिति है। सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रिश्ते इतने अच्छे होने के बावजूद अमेरिका द्वारा इस तरह का कदम‌ उठाना समझ से बाहर है।

 

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