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अभिनेता सोनू सूद ने सड़क पर करतब दिखाने वाली 85 साल की बुजुर्ग के लिए खोला मार्शल आर्ट स्कूल

कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते जहां गरीब दर-दर भटकने के लिए मजबूर हैं, वहीं अभिनेता सोनू सूद अपनी क्षमता के अनुसार इन्हीं गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता करते हुए इंसानियत के प्रति अपना फर्ज निभा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, पिछले महीने मुंबई की सड़कों पर एक बुजुर्ग महिला हाथ में लाठियां लेकर अपना पेट पालने के लिए करतब दिखा रही थी। इस 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला का वीडियो जब सोनू सूद ने देखा तो उन्होंने इस बुजुर्ग और कलाकार महिला की मदद करने का वादा किया था। बता दें कि अब गणेश चतुर्थी के मौके पर हीरो सोनू सूद ने अपना वो वादा पूरा कर दिया है। गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर बुजुर्ग महिला को सोनू सूद के फैन्स ‘वॉरियर आजी’ कहकर बुलाने लगे हैं।

हीरो सोनू सूद ने अब गणेश चतुर्थी पर अपना वादा पूरा कर दिया है। उन्होंने ‘वॉरियर आजी’ के लिए पुणे में मार्शल आर्ट्स ट्रेनिंग स्कूल खोला है। ‘वॉरियर आजी’ ने ट्रेनिंग स्कूल का नाम सोनू सूद का के ऊपर ही रखा है।
मदद का वादा पूरा करने के बाद सोनू सूद ने कहा कि जब आप इस तरह का टैलेंट देखते हैं तो आप इसे यूं ही जाने देना नहीं चाहते। इस उम्र में ‘वॉरियर आजी’ बहुत सारे लोगों को प्रेरित कर सकती हैं, जो कहते हैं कि मेरी तो उम्र हो गई है। मुझे कुछ नहीं करना। सोनू ने कहा कि मुझे लगा कि वह एक प्लेटफॉर्म की हकदार हैं और अपने टैलेंट को दूसरों तक पहुंचा का एक स्कूल सबसे बेहतर जरिया होता है।

बुजुर्ग दादी ने यह ‘मार्शल आर्ट स्कूल’ अभिनेता सोनू सूद को समर्पित करते हुए इसे उनका नाम दिया है।

मार्शल आर्ट्स ट्रेनिंग स्कूल का नाम अपने ऊपर रखे जाने पर अभिनेता सोनू सूद ने कहा कि मैं चाहता था कि स्कूल का नाम बुजुर्ग महिला के नाम पर ही रखा जाए, लेकिन उन्होंने जोर दिया कि वह इसे ‘सोनू सूद मार्शल आर्ट्स स्कूल’ कहेंगी। जब पहली बार मैंने उनसे बात की और इस विचार के बारे में जिक्र किया तो वह बहुत उत्साहित थीं। उन्होंने कहा कि वह हमेशा से अपना ट्रेनिंग स्कूल खोलना चाहती थीं।

बुजुर्ग दादी ने अपने मार्शल आर्ट स्कूल में महिलाओं और बच्चों को ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया है।

सोनू सूद ने आर्थिक पहलुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि हम खर्चों का ध्यान रख रहे हैं और अब ‘आजी’ कमा सकती हैं। वह अपने छात्रों से न्यूनतम फीस लेकर जीवन यापन कर सकती हैं। वह चाहती थीं कि मैं ओपनिंग के लिए आऊं। वह मुझे बेटा कहती हैं। मैं वीडियो कॉल के द्वारा उनके साथ कनेक्ट हुआ था। मैं मुंबई में फंसा हूं और यहां बहुत काम है। स्पष्ट रूप से यह अब उनका स्कूल है और मैं अपनी उपस्थिति से उनके खास दिन से अटेंशन नहीं हटाना चाहता था।

बता दें कि पिछले महीने ही मशहूर शूटर दादी चंद्रो तोमर (जिन पर फिल्म ‘सांड़ की आंख’ बनी है), उन्होंने भी ‘वॉरियर आजी’ का वीडियो शेयर कर लिखा- ‘लठैत दादी की जय हो, कई के पसीने छुड़ा देगी’। सोनू सूद ने शूटर दादी चंद्रो तोमर के पोस्ट को ही रीट्वीट करते हुए ‘वॉरियद आजी’ की कॉन्टैक्ट डीटेल मांगी थी और इसके साथ ही मदद का ऐलान भी कर दिया था।

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