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दिल्ली पुलिस के जवान ने की छठे प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण

हिंदी साहित्य के एक महान कवि, सोहन लाल द्विवेदी की विख्यात रचना ‘कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती’ की तरह अपने परिश्रम और प्रयासों से दिल्ली पुलिस के जवान ने साबित कर दिखाया है कि वाकई में कोशिश करने वाले अंततः सफल होते हैं। बता दें कि दिल्ली पुलिस की पीसीआर यूनिट मे तैनात सिपाही फिरोज आलम ने 645वीं रैंक हासिल की है। फिरोज का कहना है कि वह अपने अधिकारियों की कार्यशैली को देखकर इतना प्रभावित हुआ कि उसने यह सोच लिया था कि उसे भी यूपीएससी परीक्षा पास करनी है और एक बड़ा अधिकारी बनकर समाज की सेवा करनी है। उसने बताया कि इस काम में उसे उसके दोस्तों और दिल्ली पुलिस की तरफ से काफी सहयोग मिला है।

उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित पिलखुआ निवासी फिरोज ने जून 2010 में दिल्ली पुलिस में सिपाही के पद पर ज्वाइन किया था। उस वक्त तक फिरोज महज 12 वीं कक्षा तक की पढ़ाई किए हुए था। इसके बाद नौकरी के दौरान ही पत्राचार माध्यम से सिपाही फिरोज ने ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा किया और वर्ष 2014 से ही यूपीएससी की परीक्षा देने लगा। पहले दो साल तो उसका प्री एग्जाम भी नहीं पास हो पाया, लेकिन इसके बाद उसने लगातार चार बार मेन्स परीक्षा दी। बता दें कि फिरोज ने अपने आखिरी चांस में यूपीएससी को क्वालिफाई कर लिया। उसके परिवार में छह भाई और चार बहनें हैं। भाई-बहनों में फिरोज सातवें नबर पर है।

पूर्व राष्ट्रपति डॉ ए०पी०जे० अब्दुल कलाम को अपना आदर्श बताते हुए सिपाही फिरोज ने बताया कि यह भारत की अनेकता में एकता का प्रतीक है कि मैं एक मुस्लिम होते हुए भी सभी के बराबर अवसर पा सका।

जानकारी के मुताबिक, यूपीएससी-2019 के परीक्षा परिणाम में दिल्ली पुलिस के सिपाही फिरोज ने 645वीं रैंक हासिल की है तो वहीं दिल्ली पुलिस में काम करने वाले दो कर्मियों की बेटियों ने भी यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की है। दिल्ली पुलिस के द्वारका डीसीपी दफ्तर में तैनात एएसआई राजकुमार की बेटी विशाखा यादव ने 6 रैंक हासिल की है तो वहीं एक अन्य पुलिसकर्मी की बेटी ने 33वीं रैंक हासिल करते हुए अपने परिवार के साथ दिल्ली पुलिस महकमे को भी गौरवान्वित महसूस कराया है। विशाखा यादव ने तीसरे प्रयास में छठी रैंक हासिल की है। इससे पहले वह दो प्रयास में यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर सकी थीं।

दिल्ली पुलिस कमिश्नर एस०एन०श्रीवास्तव ने बताया कि उनके 35 वर्ष की सर्विस में पहली बार उन्होंने देखा है कि दिल्ली पुलिस से जुड़े 6 लोगों ने एक साथ यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की है। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को दफ्तर में बुलाकर बधाई दी।

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