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कांग्रेस पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ इस्लामिक संस्था ने किया फतवा जारी

5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का स्वागत करने और कांग्रेस कार्यालय में हिन्दू धर्म से संबंधित आयोजन करने पर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सिंह के खिलाफ हैदराबाद की इस्लामिक संस्था तंजीम जामिया निजामिया ने फतवा जारी कर दिया है। हालांकि, फतवा सही है या गलत- इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। लेकिन, फतवे का पत्र सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।

पूरे भारत में संविधान का सम्मान करने की बात कहते हुए धर्म निरपेक्षता की दलीलें देने वाली कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने भी राममंदिर का स्वागत किया था। साथ ही, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ सिंह सहित सोनिया गाँधी, दिग्विजय सिंह, राहुल गाँधी एवं प्रियंका गाँधी ने भी अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का समर्थन किया था। प्रदेश में पूर्व सीएम कमलनाथ ने हनुमान चालीसा का पाठ एवं भगवान राम का पूजन भी ‌किया था‌ तथा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश पर सभी जिलों में नेताओं ने कांग्रेस कार्यालय पर भी हनुमान चालीसा का पाठ किया था। अतः कांग्रेस द्वारा राममंदिर निर्माण के लिए इस तरह से समर्थन करने पर मुस्लिम समुदाय नाराज हो गया है। हैदराबाद की एक तंजीम जामिया निजामिया ने कमलनाथ और कांग्रेस के खिलाफ फतवा जारी किया है।

फतवे में कहा गया है कि पिछले कुछ अरसे से कमलनाथ और कांग्रेस ने जिस तरह से मुसलमानों से मुँह मोड़ा है उससे साफ है कि अब हमारा साथ देना उनकी सियासत के हक में नहीं है। पिछले एक हफ्ते से उनकी बेखौफ हिंदूपरस्ती के नमूने मीडिया में देख रहे हैं। कभी हनुमान की पूजा, कभी शहीद बाबरी मस्जिद पर बन रहे राम मंदिर का इस्तकबाल, उनके बयानों में कौम की दिली तकलीफ के लिए जरा भी हमदर्दी नहीं थी। उनकी हरकतों ने शक की हर बुनियाद को साफ कर दिया है कि मुसलमान सिर्फ उनके लिए सियासती प्यादे हैं जिन्हें वे अपनी हुक्मरानी में कुर्बान कर सकते हैं। इस वाकये के बाद से कौम के सभी ख्वातीनों हजरात् को हमारा मशविरा है कि आने वाले इंतिखाबात में कमलनाथ और कांग्रेस के भरोसे ना रहें। अपने इलाके में आपका साथ देने वाले नुमाइंदे को ही तौल कर अपना वोट दें। फतवे के आखिर में लिखा गया है कि इस मुल्क में अब मुसलमान अकेला है। हमें कांग्रेस और कमलनाथ के भरोसे नहीं रहना है। बहुत सोच समझ कर अपना रहनुमा चुनना है और हमें अपने दीन पर भरोसा करना है।

बता दें कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सिंह इस्लामिक संस्था द्वारा फतवा जारी होने से पहले भगवान राम की तस्वीर से हाथ पोंछने के मामले में भी विवादों में फंस चुके है। जानकारी के मुताबिक, 5 अगस्त को भगवान श्रीराम की तस्वीर की पूजा करने के बाद उन्होंने माला से हाथ पोंछ लिए थे जोकि विधिवत रूप से अनुचित है।

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