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मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का 85 साल की उम्र में निधन

मध्य प्रदेश के राज्यपाल और लखनऊ से पूर्व सांसद लालजी टंडन का आज सुबह निधन हो गया। बता दें कि लखनऊ के मेदांता में उनका इलाज चल रहा था, जहां वह 14 जून से भर्ती थे और ज्यादातर समय वह वेंटिलेटर पर ही रहते थे। 85 वर्षीय लालजी टंडन के बेटे और कैबिनेट मंत्री आशुतोष टण्डन ने अपने पिता के निधन की जानकारी ट्वीटर के माध्यम से दी। आशुतोष टंडन ने ट्वीटर पर लिखा बाबू जी नहीं रहे।

राज्यपाल लालजी टंडन की गिनती भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेताओं में होती रही है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश से पहले लालजी टंडन बिहार के राज्यपाल भी रह चुके हैं। जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली थी तो लालजी टंडन ने लखनऊ सीट से चुनाव लड़ा था तथा 2009 में उन्होंने रीता बहुगुणा जोशी को लखनऊ सीट से हराया था। लालजी टंडन ने इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ जेपी आंदोलन में बढ़-चढ़कर भागीदारी ली थी। लालजी टंडन ने ‘अनकहा लखनऊ’ नाम की एक किताब लिखी है। इस किताब में उन्होंने लखनऊ को लेकर कई खुलासे किये हैं।

लालजी टंडन के आकस्मिक निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया। अपने ट्विटर अकाउंट पर पीएम मोदी ने लिखा कि श्रीलाल जी टंडन संवैधानिक मामलों के अच्छे जानकार थे। उन्होंने अटल जी के साथ लंबे और करीबी संबंध का आनंद लिया। दुख की इस घड़ी में श्री टंडन के परिवार और शुभचिंतकों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यपाल लालजी टंडन के निधन पर ट्विटर पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा, मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्रद्धेय श्री लालजी टंडन के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। टंडन जी का मार्गदर्शन हम सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को लंबे समय तक मिला। उन्होंने जनता और राष्ट्र की सेवा का एक अद्भुत उदाहरण पेश करते हुए अपनी नीतियों से उत्तर प्रदेश भाजपा को भी सशक्त किया। मध्य प्रदेश के राज्यपाल रहते हुए टंडनजी ने हमें सदैव सन्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। राष्ट्र के प्रति उनके प्रेम और प्रगति हेतु योगदान को चिरकाल तक याद रखा जाएगा। आत्मा अजर-अमर है। वे आज हमारे बीच नहीं हैं परंतु अपने सुविचारों द्वारा वे हमारी स्मृतियों में सदैव जीवित रहेंगे। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे दिवंगत आत्मा को शांति दें और शोकाकुल परिजनों को इस वज्रपात को सहने की शक्ति प्रदान करें।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लालजी टंडन के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए ट्विट किया।

जब बीजेपी के समर्थन से मायावती की सरकार बनी थी तो मायावती ने 22 अगस्त 2002 को भाजपा नेता लालजी टंडन को अपना भाई बनाया था और उन्हें चांदी की राखी बांधी थी। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने लालजी टंडन के निधन पर दुख जताया है।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन के निधन पर उत्तरप्रदेश में तीन दिन का राजकीय शोक रखा जाएगा। बता दें कि उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को मध्यप्रदेश का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था।

जानकारी के मुताबिक, लालजी टंडन का पार्थिव शरीर त्रिलोकनाथ रोड स्थित सरकारी बंगले पर लाया जाएगा। दोपहर 12 बजे पार्थिव शरीर को चौक स्थित आवास सोंधी टोला ले जाया जाएगा। शाम 4:30 बजे गोमती तट गुलाला घाट पर लालजी टंडन को अंतिम विदाई दी जाएगी।

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