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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूएन को किया संबोधित कहा भारत ने हमेशा की दूसरे देशों की मदद ।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी सीट पर भारत के निर्वाचन के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज संयुक्त राष्ट्र की बैठक में शामिल हुए। भारत सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के रूप में 2021-22 सत्र के लिए निर्वाचित हुआ है। जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी ने आज संयुक्त राष्ट्र के 75वें स्थापना दिवस के अवसर पर वीडियो लिंक से संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद के समापन सत्र को संबोधित किया। इसमें उनके साथ नार्वे की पीएम एर्ना सोलबर्ग और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेस भी शामिल रहें।

आज यूएन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारत ने अंतरराष्ट्रीय सोलर अलायंस की शुरुआत की है। हमने ‘स्‍वच्‍छ भारत अभियान’ के रूप में सबसे बड़ी स्वच्‍छता योजना चलाई है। यही नहीं, हमने सिंगल प्लास्टिक यूज के इस्तेमाल को भी कम किया है।  हमारी सरकार ने सभी नागरिकों को छत मुहैया कराने के लिए ‘हाउसिंग फॉर ऑल स्कीम’ चलाई हुई है जो यह सुनिश्चित करेगी कि साल 2022 तक सभी देशवासियों के पास अपना घर हो। साथ ही, हमने पिछले कुछ वर्षों में सालाना 38 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन में कमी की है। पीएम मोदी ने स्वास्थ्य संबंधी विषय पर बात करते हुए कहा कि हमने साल 2025 तक टीबी की पूरी तरह से खत्म करने का लक्ष्य रखा है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले साल अपने राष्ट्रपिता की 150वीं जयंती मनाई। इस दौरान भारत के छह हजार गांवों में स्‍वच्‍छता के लक्ष्य को पूरा किया गया है।  हमने हमेशा विश्‍व शांति और समृद्ध‍ि की बात की है।
चाहे भूकंप, चक्रवात, इबोला संकट हो या कोई अन्य प्राकृतिक या मानव निर्मित संकट हो, भारत ने तेजी से एकजुटता के साथ जवाब दिया है। कोरोना के खिलाफ हमारी संयुक्त लड़ाई में हमने 150 से अधिक देशों में भी चिकित्सा और अन्य सहायता उपलब्ध कराई है।  बेशक भारत में दुनिया की कुल आबादी का छठा हिस्सा रहता है। हम अपनी जिम्मेदारियों से भली भांति परिचित हैं। हमें पता है कि यदि हम विकास के लक्ष्यों को पूरा करते हैं तो ग्लोबल लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा, दुनिया की प्रगति में संयुक्त राष्ट्र का बड़ा योगदान है। इस साल हम संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। भारत ने शुरुआत से ही संयुक्त राष्ट्र के विकास कार्यों को समर्थन दिया है। ECOSOC के पहले अध्यक्ष भारतीय थे। हमारा सिद्धांत ‘सबका साथ सबका विकास और सबका विश्‍वास’ है।  कोरोना जैसी महामारी के बीच हमने आत्‍मनिर्भर अभियान चलाया। अपनी विशेष स्वास्थ्य योजना का वैश्विक मंच पर जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, हमारी सरकार की ओर से चलाई जा रही ‘आयुष्‍मान भारत योजना’ कोरोना के खिलाफ लड़ाई में लोगों की मदद कर रही है।
विदेश मंत्रालय की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र की 75वीं स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आर्थिक एवं सामाजिक परिषद के उच्च स्तरीय सत्र का आयोजन किया जा रहा है। इस बैठक का विषय ‘कोरोना के बाद बहुपक्षीयता’ है। भारत पहले ही कोविड-19 के बाद के विश्व में बहुपक्षीय सुधार की बात करता रहा है। इस वार्षिक उच्च स्तरीय सत्र में सरकार, निजी क्षेत्र, नागरिक संस्थानों और शिक्षाविदों सहित विविध समूहों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसमें इस बात पर विचार रखे जाएंगे कि 75वीं वर्षगांठ पर संयुक्त राष्ट्र का क्‍या स्‍वरूप होना चाहिए? इस सत्र में बहुपक्षीय व्यवस्था को आकार देने से जुड़े मसलों पर विचार किया जाएगा।

इससे पहले सितंबर 2019 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया था। प्रधानमंत्री ने उस समय अपने संबोधन में महात्मा गांधी, स्वच्छता, आतंकवाद जैसे मुद्दों पर चर्चा की थी। पीएम मोदी ने तब महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा था कि महात्मा गांधी का सत्य और अहिंसा का संदेश दुनिया के लिए आज भी प्रासंगिक है। प्रधानमंत्री ने उस समय अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने आह्वान भी किया था। मालूम हो कि भारत दो साल के लिए सुरक्षा परिषद का अस्‍थायी सदस्‍य चुना गया है। संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, रूस और चीन पांच स्थायी सदस्य के तौर पर शामिल हैं।

 

 

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