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कांग्रेस विधायिका कृष्णा पूनिया को सरकार ने दी जेड श्रेणी की सुरक्षा

पिछले वर्ष मोदी सरकार द्वारा कांग्रेस महासचिव व उत्तर प्रदेश में पार्टी प्रभारी प्रियंका गाँधी वाड्रा से स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) की सुरक्षा वापस ले ली गई थी और उन्हें बाद में सीआरपीएफ की जेड प्लस सुरक्षा की सुविधा दे दी गई । इस वर्ष एक अगस्त तक प्रियंका गाँधी वाड्रा के नाम दिल्ली स्थित सरकारी आवास खाली करने का नोटिस भी जारी किया गया है। जिसका कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा पुरजोर तरीके से विरोध किया जा रहा है । मगर अब कांग्रेस पार्टी की महिला विधायिका और पूर्व ओलंपियन डॉ० कृष्णा पूनिया को राज्य सरकार ने जेड़ श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराने का निर्णय लिया है ।

गौरतलब है कि पिछले दिनों कृष्णा पूनिया के निर्वाचन क्षेत्र राजगढ़ के थाना प्रभारी विष्णुदत्त विश्नोई ने आत्महत्या कर ली थी । पुलिस अधिकारी ने अपने सुसाइड नोट में खुद पर दबाव होने का आरोप लगाया था । इसके बाद भाजपा और बसपा सहित कई राजनीतिक दलों एवं विश्नोई समाज ने कृष्णा पूनिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना दिया था । केंद्र सरकार ने सीबीआई जांच कराने को लेकर राजस्थान सरकार के आग्रह को मंजूर कर लिया था । जानकारी के अनुसार इसी बीच राज्य सरकार को सूचना मिली है कि विधायिका कृष्णा पूनिया को जान का खतरा है ।

सीआईडी को मिली सूचना के आधार पर कृष्णा पूनिया को राज्य सरकार ने जेड़ श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराने का निर्णय लिया है । इस बारे में चूरू की जिला पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने निर्देश जारी किए हैं ।कृष्णा पूनिया के आवास पर 10 सशस्त्र सुरक्षा गार्ड तैनात रहेंगे । उनके साथ एक एस्कार्ट गाड़ी रहेगी, जिसमें 12 सुरक्षा गार्ड तैनात होंगे । इसके साथ ही राउंड द क्लॉक 6 निजी सुरक्षा गार्ड रहेंगे । उनके पति द्रोणाचार्य अवाॅर्डी कोच वीरेंद्र पूनिया की सुरक्षा में दो पीएसओ उपलब्ध करवाए गए हैं । उल्लेखनीय है कि सचिन पायलट को पहले वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी, जिसे बाद में डिप्टी सीएम होने के नाते उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा दे दी गई थी। सूत्रों के मुताबिक विधायिका कृष्णा पूनिया की जेड़ श्रेणी में लगे हुए पुलिसकर्मियों की सैलरी पर औसतन खर्च 16.55 लाख रुपए बनता है। एस्कार्ट के रूप में तीन गाड़ियों के खर्च सहित प्रति महीने 20 लाख रुपए से ज्यादा खर्च होंगे। बताते चलें कि राज्य सरकार की तरफ से किसी को निजी स्तर पर जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने पर एक एएसआई का रोज का 7 हजार रुपए, हैड कांस्टेबल व कांस्टेबल का 6500 रुपए तय है।

इस पूरे मामले पर विधायिका कृष्णा पूनिया का कहना है कि मुझे व्यक्तिगत तौर पर कोई धमकी नहीं मिली है। सीआईडी को इनपुट मिलने पर राज्य सरकार की तरफ से जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई है।

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