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पाकिस्तान के कराची स्टॉक एक्सचेंज पर हुआ आतंकी हमला

 

विश्व के बहुत से आतंक प्रभावित देश अपने यहां आतंकवादियों को पनाह देने और आतंकी संगठनों का विस्तार करने के मुद्दे पर पाकिस्तान का हमेशा विरोध करते रहें हैं । भारत देश की सीमा पर अपने सैनिकों की आड़ में पाकिस्तान निरंतर आतंकियों को भारत में भेजते हुए यहां खून-खराबा करवाता रहा है । वैश्विक स्तर के अनेक मंचों पर भारत इन हरकतों के लिए पाकिस्तान की असलियत विश्व के सामने पेश करता रहा है ।
मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान
देश की आर्थिक केंद्र कहे जाने वाली कराची स्थित स्टॉक एक्सचेंज में आज हुए आतंकी हमले ने इस्लामाबाद स्थित पूरे विश्व को हैरत में डाल दिया है । कराची की यह इमारत हाई सिक्योरिटी जोन में आती है। साथ ही यहां कई प्राइवेट बैंक के हेड ऑफिस भी हैं । पाकिस्तान के पाले गए आतंकवादी अब उसी के लिए नुकसानदायक साबित हो रहे हैं।

पुलिस के अनुसार 4 बंदूकधारियों ने यहां हमला किया था जिन्हें मार गिराया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बंदूकधारी बदनियत के साथ बिल्डिंग में गोला-बारुद लेकर घुसे थे। आज कराची में हुए हमले में 5 नागरिकों की मौत होने की जानकारी मिली है । हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इस हमले में कितने लोग शामिल थे।
पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज के निदेशक आबिद अली हबीब ने कहा, “पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है।” उन्होंने आगे कहा, “वे पार्किंग एरिया से आए और सभी पर खुलेआम गोलीबारी करने लगे।” समय रहते पुलिस ने आतंकियों को मार गिराकर स्थिति को जल्दी ही नियंत्रण में ले लिया है । सिंध रेंजर के प्रवक्ता का कहना है कि हमले में शामिल सभी आतंकियों को मार गिराया गया है और क्लियरेंस ऑपरेशन जारी है। प्रवक्ता का कहना है कि पुलिस ने उस गाड़ी को भी अपने कब्जे में ले लिया है जिससे आतंकी आए थे।
आतंकवादियो को पनाह देने का नुक़सान पाकिस्तान को खुद कई बार उठाना पड़ा है । जिसमें विश्व का मोस्ट वांटेंड आतंकवादी ओसामा बिन लादेन अमेरिकी सेना द्वारा पाकिस्तान में ही मारा गया था। वर्ष 2014 में पेशावर के आर्मी स्कूल में एक आतंकी हमले में 141 से ज्यादा लोग मारे गए थे जिनमें 132 से ज्यादा तो स्कूली बच्चे थे । यह हमला आतंकी सगंठन तहरीक-ए-तालिबान ने किया था, जिसकी जिम्मेदारी खुद उसने ली थी । 7 अगस्त 2016 को क्वेटा के सिविल अस्पताल में एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया था। इस हमलावर के साथ 70 लोगों की भी मौत हुई थी। वर्ष 2017 में सिंध प्रांत के शाहबाज कलंदर दरगाह में एक आत्मघाती हमले में 100 से ज्यादा बेगुनाह लोगों की जान गई थी । वर्ष 2017 में ही लाहौर में हुए एक बम ब्लास्ट में 16 लोगों की मौत हो गई थी। वर्ष 2020 की 21 जनवरी को पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर के करीब धमाके में 25 लोग मारे गए थे।
गौरतलब है कि आज कराची में हुए आतंकी हमले की अब तक किसी भी आतंकी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है।

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