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” नटरंग शरद रंगोत्सव” में दिखेगा कला और संस्कृति का अद्भुत संगम !

नई दिल्ली अक्टूबर 12, 2019: आगामी रविवार को शरद पूर्णिमा एवं महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर कनॉट प्लेस सेंट्रल पार्क के प्रांगण में द्वितीय प्रकृति उत्सव ” नटरंग शरद रंगोत्सव” का आयोजन किया जायेगा, जिसमें देश भर से कवियों, नर्तकों एवं संगीतज्ञों  को आमंत्रित किया गया है। ‘नटरंग’ शरद रंगोत्सव  एक अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं ललित कला उत्सव है जो की दिल्ली हिंदी साहित्य सम्मलेन, विहार आर्ट थिएटर एवं ‘नटरंग कला साहित्य न्यास’ का संयुक्त आयोजन है।

ये आयोजन दिल्ली हिंदी साहित्य सम्मलेन, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद्, अंतर राष्ट्रीय सहयोग परिषद् एवं नटरंग फाउंडेशन के संयुक्त प्रयास से किया जा रहा है है । वहीं इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय कवि सम्मलेन का भी आयोजन किया जायेगा। जिसमें परमपूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज संस्थापक एवं सद्गुरु (परमार्थ निकेतन ) अपना आशीर्वचन देंगे।  केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री, भारत सरकार मा. श्री फग्गन सिंह कुलस्ते जी कार्यकर्म के मुख्य अतिथि होंगे। मा. श्री श्याम परांडे जी, अंतर्राष्ट्रीय संयोजक: सेवा इंटरनेशनल एंड महासचिव कार्यक्रम के अध्यक्षता होंगे। विश्व प्रशिद्ध कथा वाचक श्री अजय भाई जी कार्यक्रम में द्वीप प्रज्जवलित कर सुभारम्भ करेंगे। कार्यक्रम में प्रेरक सान्निध्य श्री अमीर चंद, राष्ट्रीय महामंत्री, संस्कार भारती; डॉ सत्यनारायण जटिया, सांसद-राज्यसभा; श्री मनोज तिवारी, संसद एवं अध्यक्ष, भाजपा दिल्ली प्रदेश; श्री महेश चंद्र शर्मा, अध्यक्ष, दिल्ली हिंदी साहित्य समेलन का होगा। अन्य अतिविशिस्ट अथितिगण में श्रीमती मीनाक्षी लेखा, सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता; श्री श्याम जाजू , राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भाजपा; श्री विजय जौली, वरिष्ठ नेता, भाजपा; आदि सम्मिलित होंगे।

कार्यक्रम की तैयारियों की तस्वीर

कार्यक्रम के पर्व संकल्पना एवं संयोजक अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कवि गजेन्द्र सोलंकी का कहना है कि ” प्रकृति और सभ्यता-संस्कृति के शाश्वत सम्बन्ध को आधार मानकर मानव सभ्यता को विनाश की विभीषिका से कैसे बचाया जा सकता है और इसी संकल्पना पर आधारित है ये प्रकृति एवं संस्कृति दर्शन का उत्सव, द्वितीय शरद रंगोत्सव 2019। प्रकृति एवं संस्कृति का शाश्वत सम्बन्ध है। उस सम्बन्ध को गहराई से समझने एवं अनुभूत करने की आवश्यकता है। प्रकृति एवम संस्कृति का मानवीकरण कर संदेश देने का प्रयास है ।” गजेन्द्र सोलंकी ने प्रकृति एवं संस्कृति प्रेमियों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में आकर इस कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने एवं सफल बनाने का अनुरोध किया है।

13 अक्टूबर को होने वाले द्वितीय ‘नटरंग’ शरद रंगोत्सव में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के उपलभ्ध प्रसिद्ध कविगण डॉ हरिओम पवार, डॉ ध्रुवेंद्र भदौरिया, डॉ विष्णु सक्सेना, श्री राजेश ‘चेतन’, डॉ सुमन दूबे, श्री जगवीर राठी, श्री जगबीर राठी, श्री मनवीर ‘मधुर’, श्रीमती पूनम वर्मा, श्री राजीव बटिया, श्री विनीत पण्डेय, श्री मनीष ‘मधुकर’ श्री राधाकांत पांडेय, श्री प्रख्यात मिश्रा शामिल होंगे।

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